
अयोध्या दर्शन 1-दिन एवं 2-दिन यात्रा योजना
शास्त्रसम्मत दर्शन क्रम, प्रातःकाल से रात्रिकाल तक का सटीक समय प्रबंधन, मंदिर मार्ग एवं बजट मार्गदर्शिका।
1-दिवसीय संपूर्ण अयोध्या दर्शन
उन श्रद्धालुओं के लिए जो सुबह पहुंचकर रात को प्रस्थान करना चाहते हैं। मुख्य 5 मंदिरों एवं सरयू महा आरती का त्वरित व सुगम परिपथ।
2-दिवसीय शांत व भव्य अयोध्या यात्रा
परिवार व वरिष्ठ नागरिकों के लिए सर्वोत्तम। राम जन्मभूमि, गुप्तार घाट, सूर्य कुंड, मणि पर्वत, तुलसी स्मारक भवन एवं दीपोत्सव परिपथ।
1-दिवसीय अयोध्या दर्शन कार्यक्रम (Hour-by-Hour)
अयोध्या धाम पहुंचकर सबसे पहले नया घाट या राम की पैड़ी पर पवित्र सरयू नदी में आचमन व स्नान करें। नया घाट पर पक्के घाट व चेंजिंग रूम उपलब्ध हैं।
अयोध्या की प्राचीन परम्परा के अनुसार राम जन्मभूमि जाने से पूर्व 76 सीढ़ियां चढ़कर नगर के रक्षक श्री हनुमान जी के दर्शन कर आज्ञा लें। लाल पेड़े का भोग लगाएं।
राम पथ से सुगम दर्शन / सामान्य कतार में प्रवेश करें। मोबाइल व बैग पहले ही नि:शुल्क डिजिटल लॉकर में जमा कर दें। 51-इंच बालरूप श्री राम लल्ला के अलौकिक दर्शन करें।
माता सीता और प्रभु राम के स्वर्ण महल 'कनक भवन' के दर्शन करें। इसके पश्चात निकटस्थ श्रीराम रसोई / अमावां राम मंदिर में नि:शुल्क स्वादिष्ट सात्विक प्रसाद ग्रहण करें।
राजा दशरथ के महल 'दशरथ भवन' के दर्शन करें। तत्पश्चात राम की पैड़ी के समीप स्थित भगवान राम के पुत्र कुश द्वारा स्थापित प्राचीन नागेश्वरनाथ शिव मंदिर के दर्शन करें।
नया घाट पर वैदिक ब्राह्मणों द्वारा होने वाली भव्य 11-दीपक सरयू आरती में शामिल हों। इसके बाद राम की पैड़ी पर रंग-बिरंगी रोशनी, फव्वारे एवं रामायण लेजर शो का आनंद लें।
2-दिवसीय यात्रा में क्या अतिरिक्त देखें? (Day 2)
गुप्तार घाट (Guptar Ghat)
वह पावन तट जहां प्रभु श्री राम ने जल समाधि लेकर साकेत धाम गमन किया था। सुंदर रिवरफ्रंट एवं बोटिंग।
सूर्य कुंड (Surya Kund)
सूर्यवंश के कुलदेवता को समर्पित कुंड। रात्रि में शानदार लाइट एंड साउंड शो का आयोजन।
मणि पर्वत एवं भरत कुंड
संजीवनी बूटी लाते समय का ऐतिहासिक टीला एवं नंदीग्राम में भरत जी की 14 वर्ष की तपोस्थली।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: क्या 1 दिन में अयोध्या के सभी मुख्य मंदिरों के दर्शन संभव हैं?
हाँ, यदि आप सुबह 06:00 बजे सरयू स्नान एवं हनुमानगढ़ी से यात्रा प्रारम्भ करें, तो 1 दिन में हनुमानगढ़ी, श्री राम जन्मभूमि, कनक भवन, दशरथ महल एवं सायं सरयू महा आरती के दर्शन सरलता से पूरे हो जाते हैं।
प्रश्न: अयोध्या में दर्शन का सही क्रम (Sequence) क्या होना चाहिए?
शास्त्रसम्मत क्रम: 1. सरयू स्नान (नया घाट/राम की पैड़ी), 2. श्री हनुमानगढ़ी (आज्ञा दर्शन), 3. श्री राम जन्मभूमि (राम लल्ला मुख्य दर्शन), 4. कनक भवन एवं दशरथ महल, 5. सायं सरयू महा आरती एवं राम की पैड़ी लेजर शो।
प्रश्न: अयोध्या में 2 दिन की यात्रा का अनुमानित खर्च कितना होता है?
बजट यात्री / धर्मशाला ठहरने पर 2 दिन का कुल खर्च ₹1500–₹2500 प्रति व्यक्ति (भोजन, स्थानीय ई-रिक्शा, आवास) आता है। मध्यम श्रेणी होटल के साथ यह ₹3500–₹6000 प्रति व्यक्ति रहता है।